足不出户 走遍全世界
当前位置: 主页 > 未解之谜 > 世界之谜
更新时间:2026-08-26   来源:互联网   编辑:乙平密  点击数: 3914549次  

春风十里不如你

हरियाणा विधानसभा सत्र में आखिरी दिन CM सैनी का बड़ा एलान, इन प्लॉटों पर नहीं लगेगा स्टांप शुल्क_我的网站

步步惊心

A |     राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को मिलने वाले सरकारी प्लॉटों की रजिस्ट्री पर अब किसी तरह का स्टांप शुल्क नहीं लगेगा। शहरी क्षेत्र में 50 गज तथा ग्रामीण क्षेत्र में 100 गज के आवासीय प्लॉटों की रजिस्ट्री में स्टांप शुल्क नहीं लगने की घोषणा कर प्रदेश सरकार ने लाभार्थियों को बड़ी राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस बात की घोषणा विधानसभा सत्र के अंतिम दिन बुधवार को सदन के अंदर की, जिसे तुरंत प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है।,सीएम ने नए कलेक्टर रेट बढ़ाने के विपक्षी विधायकों के आरोप पर सदन में ही स्पष्ट कर दिया कि पिछली सरकारों में कलेक्टर रेट तय करने का कोई फार्मूला नहीं था। हमने पारदर्शिता बरती। उनके पास किसान अपनी भी जमीन के कलेक्टर रेट बढ़वाने के लिए आ रहे हैं।,कलेक्टर रेट प्रॉपर्टी बाजार को देखते हुए कई सेगमेंट में बांटकर पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किए गए। देश में जमीन की रजिस्ट्री पर स्टांप डयूटी सौदे के प्रतिशत के रूप में 1899 से लगती आई है। पिछली सरकारों ने बगैर फार्मूले के कलेक्टर रेट तय किए थे।,बुधवार को विधानसभा में इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल तथा अर्जुन चौटाला ने प्रदेश सरकार द्वारा बढ़ाई गई कलेक्टर दरों के मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया। इनेलो विधायकों ने कलेक्टर रेट निर्धारण पालिसी पर सवाल उठाते हुए कलेक्टर रेट को अधिक बताकर इनकी दोबारा समीक्षा करने की मांग की।,विधायक आदित्य देवीलाल ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पढ़ते हुए कहा कि हाल ही में सरकार ने कलेक्टर रेटों में भारी वृद्धि की है। इससे आम लोगों को बहुत नुकसान हुआ है। लोगों में इसको लेकर भारी रोष है। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के रूप में उठे इस मुद्दे का उत्तर देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद खड़े हुए और उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जमीन के मालिकों तथा खरीददारों के हितों को ध्यान में रखकर ही कलेक्टर रेट में वृद्धि की है। वर्तमान में जिन जगहों की जमीनों में 200 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, वहां 50 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट की बढ़ोतरी की गई है।,इसके बावजूद अभी भी जमीन के बाजारी मूल्य से कलेक्टर रेट काफी कम हैं। नए रेट से कालेधन पर भी रोक लग रही है। रजिस्ट्री में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2008 में 300 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। 2011 और 12 में 220 प्रतिशत कलेक्टर रेट बढ़ाए गए।,2012 और 13 में 230 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पिछली सरकारों में कलेक्टर रेट तय करने का कोई फार्मूला नहीं था। बिल्डरों और भूमाफियों को फायदा पहुंचाया गया है। प्रदेश में 72.8 प्रतिशत ऐसा एरिया है, जहां सिर्फ 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह बदलाव हमारी सरकार ने सही तरीके से किया है।,नायब सैनी ने कहा कि कलेक्टर रेट बढ़ाने को लेकर जो आवाज उठा रहे हैं, वह गरीब की आवाज नहीं है। कलेक्टर रेट बढ़ाने की ये हर साल होने वाले प्रक्रिया है। सीएम ने कहा कि विपक्षी दल बताएं कि क्या उनके कार्यकाल में कभी कलेक्टर रेट नहीं बढ़े। मुख्यमंत्री ने विपक्षी विधायकों से सवाल किया कि क्या प्रॉपर्टी खरीदने वाले को दिक्कत है या बेचने वाले को है।,सरकार ने इस नंबर दो के पैसे को बंद कर दिया है। किसान कलेक्टर रेट बढ़ाने की मांग कर रहा है। एनसीआर के किसान भी रेट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच विधायक रामकुमार गौतम ने प्रॉपर्टी डीलरों का खेल बताकर कलेक्टर रेट और भी बढ़ाने की सिफारिश की।,मुख्यमंत्री ने सदन में जानकारी दी कि हर साल कलेक्टर रेट निर्धारित होते हैं। साल पहले उपायुक्त ही कलेक्टर रेट तय करते थे, लेकिन दो साल से सरकार ने फार्मूला बना कलेक्टर रेट तय करना आरंभ कर दिया। वर्ष 2004 से 2005 के बीच 23.83 प्रतिशत कलेक्टर रेट बढ़ाए गए।,इसके बाद 24.8 प्रतिशत की वृद्धि की गई। 2004-14 तक कलेक्टर रेट की औसत बढ़ोतरी 25.11 प्रतिशत रही, जबकि भाजपा सरकार के 10 साल की औसत बढ़ोतरी 9.69 प्रतिशत है। इस साल 20 प्रतिशत कलेक्टर रेट बढ़े हैं। एक अगस्त से तय हुए नए कलेक्टर के अनुसार 20 अगस्त तक पूरे प्रदेश में कुल 41, 476 रजिस्ट्रियां हुई। सीएम ने सदन में बताया कि पूरे राज्य में हुई रजिस्ट्री से कुल 722 करोड़ 58 लाख रुपये की स्टांप डयूटी प्राप्त हुई।,गुरुग्राम में रिहायशी इलाके में कलेक्टर रेट 28 हजार 435 रुपये प्रति गज था, जबकि वहां पर खरीददार ने रिहायशी प्लॉट की रजिस्ट्री एक करोड़ 31 लाख 35 हजार रुपये में करवाई। कलेक्टर रेट पर इसका कुल मूल्य 85 लाख 12 हजार रुपये होता है। इसका मतलब है कि लोग स्वयं भी कालाबाजारी बंद करने के हक में हैं।。

B |     AI摘要      漳州举办ai助力科技创新培训,60余名企业家参与。活动聚焦AI转型与Token赋能,专家分享实战方案并现场答疑,搭建政企对接平台,助力中小企业破解数字化痛点,实现降本增效。         近日,“AI助力科技创新,Token赋能管理变革”漳州专场培训在甲骨文(漳州)技术人才双创基地举办,吸引60余名本地企业家代表参与。活动聚焦AI科创趋势与企业管理变革,搭建政企、企企交流对接平台。    此次活动由漳州市工信局、漳州市科技局指导,漳州市中小企业发展服务中心、漳州高新区科技发展服务中心、北京中关村科技产业研究院主办,润建股份有限公司联合主办。

C | 培训主打实战落地,摒弃空泛理论。润建股份多位高管及国信绩效系统项目总监等行业专家登台分享,围绕Token价值重构、AI转型实战案例、FDE低成本落地模式、企业成本管控四大核心内容,结合漳州企业发展实际,拆解中小企业数字化转型痛点难点,输出可落地、可复制的转型思路与实操方案,为企业降本增效、创新升级提供专业支撑。    现场互动氛围热烈,企业家代表结合自身生产经营、数字化改造中的实际问题,与专家面对面答疑交流,精准破解转型堵点、补齐发展短板。    本次活动精准契合企业数字化转型刚需,搭建了技术服务商与本地企业资源互通、经验共享、精准对接的优质平台,打通了AI科创技术落地企业的关键环节,助力企业厘清转型方向、规避发展误区。参会企业纷纷表示,本次活动内容务实、贴合实际,为企业突破发展瓶颈、革新管理模式、实现高质量发展提供了新思路。(漳州融媒记者 蔡楠楠 通讯员 董振鸿)。

Current article:http://l92lov.shuosongzoutunchutao.cfd/60n801m/20260826/27716.html

Published on:01:16:27


关于奇站|联系我们|网站地图|网站地图|征稿启事|意见反馈|免责声明|法律声明|版权声明|不良信息举报

Copyright @ 2020-2099 春风十里不如你网站版权所有